Savasana yoga benefits in hindi: शवासन योगा विधि, लाभ और सावधानियां।

शवासन योगा करने की विधि और इसके फायदे? (savasana yoga benefits in hindi )

आज के समय में अपने आप को संतुलित रखना बहुत आवश्यक है। अधिकतर व्यक्ति दैनिक जीवन में खुद को संतुलित करने के लिए योगा करते हैं। योगा को पूरे विश्व में भारत की देन माना जाता है प्राचीन काल से ही भारत में ऋषि मुनि ने अपने आप को योगा के द्वारा स्वस्थ रखा था। योगा की एक नहीं बहुत सारे आसन है और इन आसन में शवासन भी काफी लोकप्रिया आसन है। आज के लेख बात करने वाले हैं शवासन करने की विधि क्या है और इसके क्या क्या फायदे हैं।

What is savasana yoga in hindi – शवासन क्या है?

शवासन एक योगासन है और इस आसन में व्यक्ति की स्थिति एक मृत व्यक्ति के समान होती है। जिस प्रकार से एक मृत व्यक्ति को रखा जाता है उसी प्रकार शवासन योगा आसन में भी व्यक्ति मृत व्यक्ति की स्थिति में रहता है। इस योगा आसन को सभी योगासन को करने के बाद अंत में किया जाता है। इस आसन में व्यक्ति को लेट जाना होता है और ध्यान करने की आवश्यकता नहीं होती है।

Poses of savasana yoga -शवासन करने की विधि।

  • शवासन करने की विधि बहुत आसान है आप इसे अपने घर पर बैठकर योगा चटाई पर लेट कर बहुत आसानी से कर सकते हैं हम आपको बताएंगे कि आप कोई स्टेप बाय स्टेप कैसे करना है।
  • सबसे पहले आपको पेट के बल जमीन पर लेट जाना है आपकी दोनों पैरों में थोड़ा अंतर होना चाहिए पैर चिपके नहीं होनी चाहिए।
  • हथेली की दिशा ऊपर की ओर होनी चाहिए। अगर आपको सर पर कोई प्रॉब्लम आ रही है तो आप तक कि का प्रयोग कर सकते हैं।
  • शरीर को तनाव रहित रखे ओर अपनी कमर और हाथों को एक बार अच्छे से संतुलित कर ले। ध्यान रखें आपके शरीर के सभी अंग ढीले होने चाहिए।
  • इसके बाद अपनी आंखों को बंद कर देना और शरीर को हिलाना डुलाना बिल्कुल नहीं है।
  • इसके बाद आपको लंबी लंबी सांस लेकर धीरे धीरे छोड़ना है शरीर को एकदम तनाव रहित रखना है।
  • इसके बाद अब धीरे-धीरे करके उल्टी गिनती शुरु कर दें और आपका मन भटक जाता है तो दोबारा से उल्टी गिनती शुरू करें।
  • अपने मन को शांत करने का प्रयास करें और इस 1 मिनट तक लगातार आप इस आसन पर बने रहे।
  • इस आसन में आपको ध्यान करने की आवश्यकता नहीं होती है।

Savasana yoga benefits in hindi – शवासन के लाभ – Savasana yoga ke fayde?

अच्छी नींद में सहायक।

जिन लोगों को नींद आने में समस्या आती है तो वह रोजाना अपने दैनिक जीवन में शवासन योगा को कर सकते हैं क्योंकि इस योगा में आपको ध्यान की आवश्यकता नहीं बल्कि आंखें बंद करके नींद लेनी होती है।

सभी उम्र के लोग कर सकते हैं।

शवासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस आसन को सभी लोग कर सकते हैं चाहे वह किसी भी उम्र के हो। इसके अलावा वजन के हिसाब से भी शवासन को हर एक व्यक्ति आसानी से कर सकता है।

शरीर को शिथिल बनाने में सहायक।

शवासन शासन के द्वारा व्यक्ति का शरीर एकदम से दिल बन जाता है क्योंकि इस आसन में व्यक्ति को अपना पूरा शरीर ढीला छोड़ाना होता है।

मन को संतुलित करने में सहायक।

शवासन आसन करते समय हमारे मन को शांत रहना बहुत आवश्यक होता है और बाहरी विचारों को आने से रोकना होता है। जिन लोगों का मन असंतुलित होता है तो उन्हें अपने दैनिक जीवन में शवासन योगा को करना चाहिए क्योंकि इससे बाहरी विचारों को रोका जा सकता है और अपने मन को एकदम शांत करने का प्रयास किया जा सकता है।

Precautions: शवासन योगा को करते समय सावधानियां।

शवासन योगा को करते समय बहुत सारी सावधानियों को बरतना आवश्यक है जैसे:-

  1. शवासन आसन को करते समय हमारी दोनों आंखों को बंद रखना आवश्यक है।
  2. शवासन योगा करते समय शरीर के किसी भी पार्ट को हिलाना नहीं होता है।
  3. ध्यान रखें आपके पैर में एक से डेढ़ फुट का गैप होना जरूरी है।
  4. अगर आपको सर को रखने में समस्या आ रही है तो आप तो आप टावल का प्रयोग कर सकते हैं।

शवासन आसान का समय।

शवासन योगा आसन को लगभग 2 से 4 मिनट कर सकते हैं। धीरे-धीरे आप इसकी मात्रा में वृद्धि कर सकते हैं जब आपको इसकी आदत हो जाए तो आप एक या 2 घंटे कर सकते हैं। इस आसन को आपको थकने के बाद या सोने से पहले करना चाहिए। क्योंकि इसके बाद आप इसे बहुत आसानी से कर सकते हैं।

शवासन का महत्व।

हमारे दैनिक जीवन में शवासन का महत्व बहुत ज्यादा है। इस आसन को अच्छी नींद और शरीर को रिलैक्स करने के लिए किया जाता है इसलिए यह हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण आसन है। शवासन का हमारे दैनिक जीवन में इसलिए भी महत्व है क्योंकि व्यक्ति को काम करने के बाद थकान आवश्यक होती है और शरीर को रिलैक्स करना भी बहुत जरूरी है साथ-साथ अपने मन में बाहरी विचारों को रोकना भी आवश्यक होता है।

FAQ

सबसे अंत में कौन सा आसन किया जाता है?

सबसे अंत में यानी कि सारे योगासन को करने के बाद शवासन योगा को करना चाहिए। क्योंकि इस आसन को इसलिए करना चाहिए। जब सारे योगा करने के बाद हमारा शरीर थक जाता है तो उसे रिलैक्स करने की आवश्यकता पड़ती है और शवासन के द्वारा शरीर को रिलैक्स किया जा सकता है। शवासन एकमात्र ऐसा आसान है जो बाहरी विचारों को उत्पन्न करने से रोकता है।

शवासन कब नहीं करना चाहिए?

शवासन को तब नहीं करना चाहिए जब आपके सर दर्द हो या फिर आपकी कमर में दर्द हो। या फिर आपने कोई ऐसा काम नहीं किया हो जिससे आपको थकान ना हो।

बिना काम किए या एक्सरसाइज किए बिना इस आसन को नहीं करना चाहिए। सुबह के वक्त कभी भी शवासन को नहीं करना चाहिए क्योंकि उस समय हमारी बॉडी पूरी हल्की और रिलैक्स रहती है। शवासन को हमेशा शाम के समय या थकान के बाद करना चाहिए।

Conclusion

इस लेख में आपको जानकारी दी है कि Shavasana योगा करने की विधि और इसके फायदे। शवासन के बारे में मेरी राय यह है कि आपको दैनिक जीवन में रोजाना शवासन योगा को जरूर करना चाहिए क्योंकि इसे करना बहुत ही आसान है।

Leave a Comment