Swasari Pravahi uses in hindi: फायदे, कीमत, खुराक, सामग्री, दुष्प्रभाव और सावधानियां। 

Swasari Pravahi uses in hindi: दोस्तों अपने कभी ना कभी पतंजलि श्वासारि प्रवाही (Divya Swasari Pravahi) का नाम तो जरूर सुना होगा आप मे से बहुत लोगो ने इसका Use भी किया होगा और बहुत सारे लोग इसका यूज़ भी करते है।

तो दोस्तों आज मे आपको Divya Swasari Pravahi uses in hindi के बारे मे पूरी जानकारी देने वाला हूं पतंजलि श्वासारि प्रवाही क्या है, श्वासारि प्रवाही कैसे काम करती है, पतंजलि श्वासारि प्रवाही के लाभ क्या है।श्वासारि प्रवाही कैसे यूज़ करे। (Swasari Pravahi Uses in hindi)

Patanjali Divya Swasari Pravahi के side effect क्या-क्या है Divya Swasari Pravahi का प्रयोग किन किन रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है और पतंजलि श्वासारि प्रवाही का इस्तेमाल कैसे करें इत्यादि।

अगर आप भी Patanjali Divya Swasari Pravahi Uses in hindi के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी चाहते है तो आप इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े।

Swasari Pravahi in Hindi – श्वासारि प्रवाही क्या है?

पतंजलि श्वासारि प्रवाही (Swasari pravahi uses in hindi) एक आयुर्वेदिक औषधि है पतंजलि दिव्य श्वासारि प्रवाही का उपयोग कई प्रकार के रोग में किया जाता है पतंजलि श्वासारि प्रवाही सिरप का उपयोग मुख्य रूप से सर्दी जुकाम और खांसी में किया जाता है इसके अलावा पतंजलि दिव्य श्वासारि प्रवाही (Swasari pravahi) का उपयोग और भी कई तरह के रोगों में किया जाता है।

दिव्य श्वासारि प्रवाही (Divya Swasari pravahi uses in hindi) का निर्माण Patanjali Divya Pharmacy द्वारा किया जाता है पतंजलि दिव्य श्वासारि प्रवाही को बनाने में कई तरह के जुड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है इसमें लौंग, अभ्रक भस्म, अदरक, मुक्ताशुक्ति भस्म आदि इसके प्रमुख घटक है इसके अलावा इसमें और भी कई प्रकार के जड़ी बूटी का इस्तेमाल किया जाता है इसे लेने से पहले डॉक्टर क़ी सलाह अवश्य ले।

Divya Swasari Pravahi price – पतंजलि श्वासारि प्रवाही की कीमत।

अगर बात करें Swasari Pravahi price क़ी तो इसकी 250ml का प्राइस ₹, 80 है जिसे आप अपने नजदीकी मेडिकल स्टोर से भी खरीद सकते है नहीं तो आप इसे ऑनलाइन भी परचेस कर सकते है।

TypePriceQuantity
Divya Swasari PravahiRs, 80250 ML

Ingridients Of Swasari Pravahi – श्वासारि प्रवाही के मुख्य घटक।

Divya Swasari Pravahi में निम्न घटकों का उपयोग किया जाता है। (Divya Swasari pravahi ke fayde)

  • काली मिर्च Kali Marich (Piper longum)
  • सफ़ेद वासा Safed vasa (Adhatoda vasica)
  • छोटी कटेली Kateli badi (Solanum indicum)
  • मुलेठी Mulethi (Glycyrrhiza glabra)
  • काला वासा Kala vasa (Justicia gendarussa)
  • छोटी पिप्पल Chhoti pipal (Piper longum)
  • बनफ्शा Banfsa (Viola osorata)
  • दालचीनी Dalchini (Cinnamomum zeylanicum)
  • तुलसी देसी Tulsi Desi (Ocimum sanctum)
  • सोंठ Sonth (Zingiber officinale)
  • लवंग Lavang (Syzgium aromaticum)
  • भांगरा (भृंगराज ) Bhangra (Eclipta alba)
  • तेजपत्र Tejpatra (Cinnamomum tamala)
  • अमलतास Amaltas (Cassia fistula)
  • लसोड़ा Lishoda (Cordia dichotoma)
  • सोमलता Ephedragerardiana

How Swasari Pravahi works – श्वासारि प्रवाही कैसे काम करती है?

Patanjali divya Swasari Pravahi फेफड़ों की कोशिकाओं को सक्रिय (Active) करती है। यह श्वसन तंत्र (respiratory system) और फेफड़ों की सूजन को कम करता है। इसके प्रयोग से फेफड़ों में जमा खांसी (Cough) आसानी से बाहर निकल जाती है। यह अस्थमा (asthma) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक प्रभावी आयुर्वेदिक (Ayurvedic) दवा है। (Swasari pravahi ke fayde)

Divya Swasari Pravahi benefits in hindi – दिव्या श्वासारि प्रवाही के फायदे – Swasari pravahi ke fayde।

Divya Swasari pravahi ke fayde नीचे दिए गए है।

  • दिव्या श्वासारि प्रवाही कफ्फ (Cough) को ढीला करके शरीर से बाहर निकालती है।
  • यह गले में जलन और दर्द को कम करता है।
  • इसमें ब्रोन्कोडायलेटर गुण (bronchodilator properties) है।
  • श्वासारि प्रवाही निमोनिया रोग में भी लाभकरी हैं।
  • फेफड़ों के दर्द / फेफड़ों के संक्रमण में लाभकारी।
  • पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही के सेवन से फेफड़ों में कफ्फ का निर्माण कम होता है।
  • पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही सामान्य सर्दी, खांसी, झुकाम, कफ्फ आदि में लाभदायी।
  • दिव्या श्वासारि प्रवाही अस्थमा रोग में भी बहुत लाभकारी हैं।
  • यह सांस संबंधी सभी प्रकार की बीमारियों में काफी लाभकारी है।
  • पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती हैं
  • यह सूखे कफ्फ (dried phlegm) में भी अत्यंत ही प्रभावी दवा हैं।

Swasari Pravahi uses in hindi – श्वासारि प्रवाही के उपयोग।

  1. अस्थमा / दमा (asthma)
  2. खांसी (Cough)
  3. काली खांसी (Whooping Cough)
  4. टीबी की खाँसी (Cough of TB)
  5. गले में खराश (sore throat)
  6. साइनसाइटिस (sinusitis)
  7. धूम्रपान करने वालों खांसी (Smokers cough)
  8. ब्रोंकाइटिस (bronchitis)
  9. फेफड़े के संक्रमण (lung infection)
  10. बलगम वाली खांसी (Productive Cough)
  11. सूखी खाँसी (Dry Cough)
  12. सर्दी-खांसी-जुखाम (common cold)

Dosage of Swasari Pravahi in Hindi – श्वासारि प्रवाही की सामान्य खुराक।

  • Patanjali divya Swasari Pravahi की खुराक Doctor (डॉक्टर) द्वारा निर्धारित की जाती है। वे व्यक्ति की आय, लिंग, वजन और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही की मात्रा को बढ़ा या घटा सकते हैं। (Swasari Pravahi in hindi)
  • दवा को लेते समय दवा क़ी Expire Date और Tablet के पीछे लिखे दिशा-निर्देशों को जरूर पढ़ें।
  • आपको Swasari Pravahi का 1 टीस्पून / 5 ml की मात्रा दिन में दो बार या तीन बार लें।
  • दिव्या श्वासारि प्रवाही को आप शहद और गुनगुने पानी के साथ लेने से यह अधिक लाभदायक होती है |
  • श्वासारि प्रवाही को भोजन करने के पहले लें|
  • आपको इसे दिन में दो बार से अधिक नहीं लेना है।
  • बच्चों को देने से पहले डॉक्टर क़ी सलाह अवश्य ले।
  • गर्भावस्था के दौरान श्वासारि प्रवाही का इस्तमाल करने से पहले डॉक्टर क़ी सलाह अवश्य ले।
  • रोगी की स्थिति या प्रतिक्रिया के आधार पर डॉक्टर (Doctor) इसकी खुराक को बदल देता है।
  • डॉक्टर की उचित सलाह के बिना खुराक में बदलाव से बचना चाहिए।
  • अच्छे परिणाम के लिए दवा को नियमित समय पर ले।

Missed Dose – छूटी हुई खुराक:

अगर आप गलती से पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही की खुराक लेना भूल जाते है तो आप उस खुराक को समय रहते ले सकते है लेकिन दयान रहे अगर आपकी दूसरी खुराक लेने का समय हो गया है तो आपको दोनों खुराको को एक साथ नहीं लेना है।

Overdose – ओवरडोज:

आपको श्वासारि प्रवाही का ओवरडोज़ नहीं लेना है। यदि आपने दिव्या श्वासारि प्रवाही क़ी निर्धारित गोलियों से अधिक लिया है तो आपके शरीर पर इसके हानिकारक प्रभाव पड़ने की संभावना है। ओवरडोज़ की स्थिति में अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र डॉक्टर से सलाह करें।

Swasari Pravahi Storage – श्वासारि प्रवाही को कैसे स्टोर करें?

  • Store करने से पहले tablet के पैकेट (Packet) पर लिखे निर्देशों को पढ़ें।
  • बच्चों और जानवरों से इस दवा को दूर रखे।

Swasari Pravahi Side Effects in Hindi | श्वासारि प्रवाही के दुष्प्रभाव।

वैसे तो दिव्या श्वासारि प्रवाही के कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं है आप इस दवा का निर्धारित खुराक से अधिक मात्रा में उपयोग करते है तो आपको इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते है इसलिए आपको इसके डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा से अधिक का उपयोग नहीं करना है यदि आप किसी भी साइड इफेक्ट्स का अनुभव करते हैं। और आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते है तो आप अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें। (Swasari pravahi ke fayde)

Swasari Pravahi Precautions in Hindi – श्वासारि प्रवाही की सावधानियां हिंदी में।

  • यदि आपको श्वासारि प्रवाही से एलर्जी (Alergy) है तो आप इस टेबलेट का सेवन न करें।
  • गर्भवती महिलाएं इस टेबलेट का उपयोग करने से पहले डॉक्टर क़ी सलाह अवश्य ले।
  • दिव्या श्वासारि प्रवाही को तय खुराक से ज़्यादा ना लें।
  • पतंजलि दिव्या श्वासारि प्रवाही को लेते समय शराब का सेवन न करें।
  • अगर आपको कोई ह्रदय या लिवर संबंधी समस्या है तो इस टेबलेट का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।
  • यदि आप पहले से ही अन्य दवाएं ले रहे है तो आप इसका का यूज़ करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • दवा खरीदते समय ध्यान दें की टैबलेट (Tablet) का पैक पहले खुला ना हो।
  • Patanjali divya Swasari Pravahi की ओवरडोज स्थिति में आप इसे लेना बंद कर दें और तुरंत नजदीकी चिकित्सा या डॉक्टर से सलाह परामर्श करें।

Conclusion

दोस्तों आशा करता हूं आपको Swasari Pravahi uses in hindi जानकारी आपको जरूर अच्छी लगी होगी अगर इसके रिलेटेड आपके मन मे कोई सवाल है तो आप हमे comment बॉक्स मे पूछ सकते है जानकारी अच्छी लगने पर शेयर जरूर करें।

Disclaimer

Note:- हमारी वेबसाइट Aksmartsupport.com में विभिन्न चिकित्सा स्थितियों और उनके उपचार से संबंधित सामान्य जानकारी प्रदान करती है।और ऐसी जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और इसका मतलब डॉक्टर या अन्य योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर द्वारा प्रदान की गई सलाह का विकल्प नहीं है। मरीजों को यहां निहित जानकारी का उपयोग हीथ या फिटनेस समस्या या बीमारी के निदान के लिए नहीं करना चाहिए। निदान और उपचार के बारे में चिकित्सीय सलाह या जानकारी के लिए मरीजों को हमेशा डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श लेना चाहिए।

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